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गैल चलूंगी हरियाणवी गजल
गैल चलूंगी हरियाणवी गजल--इस ग़ज़ल को लिखा है चंदर लाल ने और इसका गायन किया है सोनिया चौहान ने। इस ग़ज़ल को सबसे पहले 2007 में हरियाणा दिवस पर गाया गया था। बाद में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के रत्नावली कार्यक्रम के अंतर्गत इसका पुनः गायन हुआ। रत्नावली का निर्देशन उस समाइ अनूप लाठर कर रहे थे।
