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हरियाणवी गीत
हरियाणा में लोक-गीतों व रागनियों के अतिरिक्त सामान्य गीतों का भी प्रचलन है। गीत के लिए इसका छंद-युक्त होना अनिवार्य होता है ताकि इसकी गेयता बन पाए। छंद से ही गीत को ताल, गति व लय प्राप्त होती है।
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| जय जय जय हरियाणा | हरियाणा का राज्यगीत - डॉ बालकिशन शर्मा |
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जय जय जय हरियाणा, जय जय जय हरियाणा |
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| वो गाम पुराणे कडै़ गये - नरेन्द्र गुलिया |
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वो गाम पुराणे कडै़ गये, वो गाम पुराणे कड़ै गये |
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| एक बख़त था... - सत्यवीर नाहड़िया |
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एक बख़त था, गाम नै माणस, राम बताया करते। |
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| बाट | हरियाणवी गीत - श्रीकृष्ण गोतान मंजर |
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कोये ना कोये बात सै। |
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| हरियाणा | हरियाणवी गीत - श्रीकृष्ण गोतान मंजर |
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सब सै निराला हरियाणा |
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| हरियाणे का छौरा देख - रोहित कुमार 'हैप्पी' |
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हरियाणे का छौरा देख |
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| साजण तो परदेस बसै - रोहित कुमार 'हैप्पी' |
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साजण तो परदेस बसै मैं सुरखी, बिंदी के लाऊं |
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| बाजरे की रोटी - रोहित कुमार 'हैप्पी' |
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बाजरे की रोटी ना थ्यावै कदै साग |
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| हरियाणे का नाम बणावैं - रोहित कुमार 'हैप्पी' |
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दूध-दहीं हम मक्खण खांवैं |
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| लाड सै, दुलार सै--दोगाना - रोहित कुमार 'हैप्पी' |
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लाड सै, दुलार सै |
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| चल हाल रै उठ कै चाल... - रोहित कुमार 'हैप्पी' |
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चल हाल रै उठ कै चाल बड़ी सै दूर रै जाणा |
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| हुड्डा हो, चौटाला हो - रोहित कुमार 'हैप्पी' |
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हुड्डा हो, चौटाला हो |
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| लगा बुढेरा एक बताण - रोहित कुमार 'हैप्पी' |
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लगा बुढेरा एक बताण |
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| हरियाणा राज्य गीत - नरेश कुमार शर्मा |
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हेरै मिली नई-नई सौगात हुआ रोशन म्हारा हरियाणा । |
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| लियो झलक देख हरियाणे की - नरेश कुमार शर्मा |
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राज्य गीत के माध्यम से लियो झलक देख हरियाणे की। |
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| अलबेली छोरी - नरेश कुमार शर्मा |
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मै अलबेली छोरी मेरी मटकै पोरी-पोरी, मैं मस्त छबीली नार। ।टेक। |
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| शर्म लाज कति तार बगायी - जितेंद्र दहिया |
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शर्म लाज कति तार बगायी या माहरे हरयाने मे किसी तरक्की आयी...! |
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| बचपन का टेम - जितेंद्र दहिया |
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बचपन का टेम याद आ गया कितने काच्चे काटया करते, |
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| बचपन - विरेन सांवङिया |
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प्यारे थे बचपन के साथी |
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| नारी सौंदर्य - विरेन सांवङिया |
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कोमल बदनी, रात रजनी वा चालै चाल बच्छेरी के सी |
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